स्वच्छता
स्वच्छता अभियान को चार साल पुरे होने के बाद आ रही रिपोट्र्स उत्साह देने वाली बात है।यें रिपोट्र्स कहती हे कि स्वच्छता अभियान का रंग ना केवल देश में दिखने लगे परिणाम बल्कि पूरी दुनिया में देखने को मिल रहा है। स्वच्छता के लोगो की जिंदगिया बदलने लगी है। स्वच्छता के आंकड़ों से पता चला है कि पिछले चार सालो में शहरों और गांवो को साफ करने के जो परिमाण दिखे है वह बहुत बड़े सामाजिक और आर्थिक सुधारो में जो शुमार सामने आये है। वह पूरी दुनिया को बदल सकते है। click स्वच्छता अभियान हमारे भारत देश में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2014 को लालकिले से स्वच्छता अभियान की घोषणा की थी।उन्होंने यें संभावना जताई थी की जब 2019 में हम हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150 वीं वर्षगांठ मनाएंगे,तब देश में स्वच्छता की हालत बहुत अच्छी हो जाएगी। और हम काफी बदल चुके होंगे। तथा वाकई में हमारी सोच और गांवो से लेकर शहरों तक माहौल बदल चुका होगा। और सफाई का पूरी दुनिया में एक बड़ा मुद्दा बन जायेगा। स्वच्छता की दिशा चार सालो में स्वच्छता को लेकर जो कुछ होता आ रहा है। वह उत्साह देने वाला है। सरकार उस योजना काअपना कदम भी ओडीएफ प्लस जैसा कार्यक्रम चलाया जा रहा है। स्थानीय रूप से ठोस और द्रव अपशिष्ठो के ट्रीटमेंट मैनेजमेंट पर काम शुरू हो चूका है। बड़े पैमाने और प्रौद्योगिक का उपयोग कर ग्रामीण भारत में कचरे को जैव उर्वरक और ऊर्जा के रूपों में बदला जाएगा। click लक्षण भारत देश में लगभग सवा चार लाख से भी अधिक गांव ,455 जिले और 2800 नगर,शहर और कस्बे 29राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेश खुले में शौच से मुक्त हो चुके है। उस कारण शुद्ध पेयजल और शौचमुक्त गांवो व जिलों के माँ और नवजात बच्चो को संक्रमक बीमारियों से बचाया गया है। उस कारण स्वच्छ समाज और स्वच्छ देश बना रहा तो उसका असर हमारे सकल घरेलू उत्पाद पर भी बेहतर रहेगा। हमारे भारत देश की सरकार व अधिकारियो ने शहरों ,गांवो महोल्लो ,आदि में स्वच्छता के अभियान चलाते रहते है। click



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